गांधीजी के अनमोल विचार

खुद वो बदलाव बनिए जो दुनिया में आप देखना चाहते हैं।

आध्यात्मिक संबंध शारीरिक की तुलना में कहीं अधिक कीमती है। आध्यात्मिक से तलाकशुदा शारीरिक संबंध आत्मा के बिना शरीर है।

गुस्सा और असहिष्णुता सही समझ के दुश्मन हैं।

स्वतंत्रता एक जन्म की भांति है। जब तक हम पूर्णतः स्वतंत्र नहीं हो जाते तब तक हम परतंत्र ही रहेंगे।

जब तक आप किसी को वास्तव में खो नहीं देते, तब तक आप उसकी अहमियत नहीं समझते।

क्रूरता का उत्तर क्रूरता से देने का अर्थ अपने नैतिक व बौद्धिक पतन को स्वीकार करना है।

स्वास्थ्य ही सही धन है। सोने और चांदी का मूल्य इसके सामने कुछ भी नहीं।

“आप कभी भी बंद मुट्ठी से हाथ नहीं मिला सकते, हाथ मिलाने के लिए आपको मुट्ठी खोलनी ही पड़ेगी।”